Sahara India के निवेशकों को अब CRCS-Sahara refund portal कि सहायता से अपने निवेश किये गए पैसों कि वापसी हो सकेगी । भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह की सहकारी समितियों के वैध जमाकर्ताओं को वितरित करने के लिए “सहारा-सेबी रिफंड खाते” से सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को 5000 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का आदेश दिया। इस प्रक्रिया की निगरानी न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी द्वारा की जा रही है, जिसमें अधिवक्ता गौरव अग्रवाल भी सहयोग कर रहे हैं। चार सहारा समूह समितियों के जमाकर्ताओं से दावा प्रस्तुत करने की सुविधा के लिए 18 जुलाई 2023 को एक ऑनलाइन पोर्टल, “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” (https://mocrefund.crcs.gov.in) लॉन्च किया गया था। यह प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी है और नियुक्त अधिकारियों द्वारा इसकी निगरानी की जाती है। सत्यापित जमाकर्ताओं के आधार-सीडेड बैंक खातों में 10,000 रुपये तक के भुगतान सीधे जमा किए जा रहे हैं। कमियों वाले दावों के लिए, दावों को सुधारने और पुनः प्रस्तुत करने की अनुमति देने के लिए एक पुनः प्रस्तुतीकरण पोर्टल (https://mocresubmit.crcs.gov.in) लॉन्च किया गया है। यह जानकारी सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दी।

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सहारा इंडिया, एक प्रमुख निवेश कंपनी, अपने निवेशकों को आकर्षक योजनाओं के माध्यम से निवेश का मौका देती रही है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने अपने निवेशकों को धन वापस करने में असमर्थता का सामना किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई निवेशकों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इस समस्या को देखते हुए, निवेशकों को उनके धन की वापसी के लिए एक स्पष्ट और संरचित प्रक्रिया प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम सहारा इंडिया रिफंड प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे, जिससे निवेशकों को उनके धन की वापसी में मदद मिलेगी।
वे चार Sahara India समूह समितियां जिनके जमाकर्ताओं से CRCS-Sahara refund portal पर आवेदन लिए जा रहे है
- Sahara Credit Cooperative Society Limited, Lucknow.(Click)
- Saharayan Universal Multipurpose Society Limited, Bhopal.(Click)
- Humara India Credit Cooperative Society Limited, Kolkata.(Click)
- Stars Multipurpose Cooperative Society Limited, Hyderabad.(Click)
Sahara-SEBI Refund Account क्या होता है यहाँ देखिए
“Sahara-SEBI Refund Account” भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर स्थापित एक फंड है, जिसे सहारा समूह की वित्तीय योजनाओं में निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि को प्रबंधित और वापस करने के लिए बनाया गया है। यह खाता तब स्थापित किया गया था जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सहारा समूह को अपने वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर (OFCDs) के लिए निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि को वापस करने का आदेश दिया था, जिसे नियमों का उल्लंघन करके जुटाया गया माना गया था।
“Sahara-SEBI Refund Account” का मुख्य उद्देश्य एकत्रित धनराशि को सुरक्षित रूप से रखना और निवेशकों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से वापस करना है, जैसा कि अदालत और नियामक प्राधिकरणों के निर्देशों और निगरानी के तहत होता है। इस खाते का प्रबंधन SEBI द्वारा किया जाता है, और धनराशि को वापस करने की प्रक्रिया कठोर सत्यापन प्रक्रियाओं के बाद की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वैध दावों को ही स्वीकार किया जाए।
Sahara India ke निवेशकों के लिए CRCS-Sahara refund portal पर आवेदन करने कि प्रक्रिया
CRCS-Sahara Refund Portal पर रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया
CRCS-Sahara Refund Portal (https://mocrefund.crcs.gov.in) सहारा समूह के सहकारी समितियों के वैध निवेशकों को उनके निवेश की वापसी के लिए एक ऑनलाइन मंच प्रदान करता है। इस पोर्टल के माध्यम से, निवेशक अपने रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया दी गई है:
चरण 1: पोर्टल पर पंजीकरण
- वेबसाइट पर जाएं: CRCS-Sahara Refund Portal (https://mocrefund.crcs.gov.in) पर जाएं।
- नया उपयोगकर्ता पंजीकरण: यदि आप पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो “New User Registration” पर क्लिक करें।
- पंजीकरण फॉर्म भरें: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, और आधार नंबर भरें।
- ओटीपी सत्यापन: आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। इसे सत्यापित करें और अपना पंजीकरण पूरा करें।
चरण 2: पोर्टल पर लॉगिन
- लॉगिन करें: सफल पंजीकरण के बाद, अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड पर पहुंचें: लॉगिन करने के बाद, आप पोर्टल के डैशबोर्ड पर पहुंच जाएंगे।
चरण 3: आवेदन फॉर्म भरना
- नया आवेदन: डैशबोर्ड पर “Apply for Refund” या “New Application” विकल्प पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें: फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें, जैसे:
- व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, संपर्क विवरण)
- निवेश का विवरण (सहकारी समिति का नाम, बॉन्ड/रसीद नंबर, निवेश राशि, तिथि)
- बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक्ड बैंक खाता नंबर, IFSC कोड)
चरण 4: दस्तावेज़ अपलोड करें
- दस्तावेज़ अपलोड करें: फॉर्म में निर्दिष्ट दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड करें, जैसे:
- निवेश प्रमाण पत्र/रसीद की प्रति
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट)
- बैंक खाता विवरण (रद्द चेक की प्रति, पासबुक की प्रति)
- दस्तावेज़ों की सत्यता: सुनिश्चित करें कि अपलोड किए गए दस्तावेज़ स्पष्ट और सही हैं।
चरण 5: आवेदन जमा करें
- समीक्षा करें: आवेदन फॉर्म और अपलोड किए गए दस्तावेज़ों की समीक्षा करें।
- जमा करें: सभी जानकारी सही होने पर, “Submit” बटन पर क्लिक करें।
- प्राप्ति प्राप्त करें: आवेदन जमा करने के बाद, आपको एक प्राप्ति मिलेगी जिसमें आपके आवेदन का संदर्भ नंबर होगा। इसे सुरक्षित रखें।
चरण 6: आवेदन की स्थिति की जांच
- लॉगिन करें: नियमित अंतराल पर पोर्टल पर लॉगिन करें।
- आवेदन की स्थिति: “Application Status” विकल्प पर क्लिक करें और अपने आवेदन की स्थिति जांचें।
- फॉलोअप: यदि किसी दस्तावेज़ या जानकारी में कोई कमी है, तो पोर्टल पर दिखाए गए निर्देशों का पालन करें और आवश्यक सुधार करें।
चरण 7: पुनः सबमिशन (यदि आवश्यक हो)
- कमी की जानकारी प्राप्त करें: यदि आपका आवेदन किसी कमी के कारण अस्वीकार किया गया है, तो पोर्टल पर लॉगिन करके कमी की जानकारी प्राप्त करें।
- कमी को सुधारें: निर्दिष्ट सुधार करें और आवश्यक दस्तावेज़ पुनः अपलोड करें।
- पुनः सबमिट करें: सुधार करने के बाद, आवेदन को पुनः जमा करें।
चरण 8: भुगतान प्राप्त करना
- स्वीकृति प्राप्त करें: आवेदन की स्वीकृति के बाद, आपका रिफंड प्रोसेस किया जाएगा।
- बैंक खाते में जमा: स्वीकृत राशि सीधे आपके आधार से लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाएगी।
- सूचना प्राप्त करें: आपको भुगतान की सूचना ईमेल और एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी।
निष्कर्ष
CRCS-Sahara Refund Portal के माध्यम से रिफंड के लिए आवेदन करना एक सरल और पारदर्शी प्रक्रिया है। यह निवेशकों को उनके धन की वापसी सुनिश्चित करने में मदद करता है। आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार हैं और सही तरीके से फॉर्म भरें। यदि आपको किसी भी चरण में कठिनाई होती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सहायता विकल्पों का उपयोग करें।
सहारा इंडिया रिफंड प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज़
CRCS-Sahara Refund Portal के माध्यम से रिफंड के लिए आवेदन करते समय, निवेशकों को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ों की जरूरत होती है। ये दस्तावेज़ आपकी पहचान और निवेश की पुष्टि के लिए आवश्यक होते हैं। यहां उन दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जो रिफंड प्रक्रिया के लिए जरूरी हैं:
1. निवेश प्रमाण पत्र/रसीद की प्रति
- यह दस्तावेज़ आपके निवेश की पुष्टि के लिए आवश्यक है।
- सहारा समूह की सहकारी समितियों द्वारा जारी किया गया बॉन्ड, रसीद या अन्य प्रमाण पत्र अपलोड करें।
2. पहचान प्रमाण
आपको अपनी पहचान साबित करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों में से एक की स्कैन की हुई प्रति अपलोड करनी होगी:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट
- वोटर आईडी कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
3. पता प्रमाण
आपके निवास स्थान की पुष्टि के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों में से एक की स्कैन की हुई प्रति अपलोड करनी होगी:
- राशन कार्ड
- वोटर आईडी कार्ड
- बिजली बिल
- पानी बिल
- टेलीफोन बिल
- बैंक खाता विवरण (पासबुक)
4. बैंक खाता विवरण
आपके बैंक खाते की पुष्टि के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की स्कैन की हुई प्रति अपलोड करनी होगी:
- रद्द चेक (Cancelled Cheque)
- बैंक पासबुक का पहला पृष्ठ
- बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक्ड होना चाहिए)
5. आधार से लिंक्ड बैंक खाता
- आपके बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है ताकि धनराशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा की जा सके।
दस्तावेज़ अपलोड करने के दिशा-निर्देश
- स्पष्ट स्कैनिंग: सभी दस्तावेज़ों की स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता वाली स्कैन कॉपी अपलोड करें। धुंधली या अस्पष्ट कॉपी से आपका आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
- प्रासंगिकता: सुनिश्चित करें कि सभी अपलोड किए गए दस्तावेज़ प्रासंगिक और वर्तमान हैं।
- फाइल फॉर्मेट: दस्तावेज़ पीडीएफ (PDF) या जेपीईजी (JPEG) फॉर्मेट में अपलोड करें। फाइल का साइज पोर्टल पर निर्दिष्ट सीमा के भीतर हो।
निष्कर्ष
सहारा इंडिया रिफंड प्रक्रिया के लिए सही और प्रासंगिक दस्तावेज़ प्रस्तुत करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपके आवेदन को तेजी से प्रोसेस करने में मदद करेगा, बल्कि आपके रिफंड को स्वीकृत करने में भी सहायता करेगा। सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार हैं और सही तरीके से अपलोड किए गए हैं। इससे आपके आवेदन की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी। यदि आपको किसी दस्तावेज़ के बारे में संदेह है, तो CRCS-Sahara Refund Portal पर उपलब्ध निर्देशों का पालन करें या सहायता केंद्र से संपर्क करें।
सहारा इंडिया निवेशक मुद्दे का इतिहास
सहारा इंडिया परिवार, जिसकी स्थापना 1978 में सुब्रत रॉय द्वारा की गई थी, भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक समूहों में से एक है। सहारा समूह ने विभिन्न प्रकार की वित्तीय योजनाओं और सेवाओं की पेशकश की, जिनमें रियल एस्टेट, मीडिया, मनोरंजन, और वित्तीय सेवाएं शामिल थीं। हालांकि, समूह की सबसे विवादास्पद और चर्चित पहल उनकी वित्तीय योजनाओं में से एक रही है, जो निवेशकों के धन के प्रबंधन से संबंधित है। यहां इस मुद्दे का विस्तृत इतिहास प्रस्तुत है:
प्रारंभिक वर्ष और निवेश योजनाएं
सहारा इंडिया ने शुरुआती वर्षों में छोटे निवेशकों को लक्षित करके विभिन्न निवेश योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं में वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर (OFCDs) शामिल थे। इन योजनाओं का उद्देश्य छोटे निवेशकों से धन जुटाना और उन्हें आकर्षक रिटर्न प्रदान करना था।
SEBI की जांच और विवाद
2010 में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सहारा इंडिया की दो कंपनियों, सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SHICL), द्वारा जारी OFCDs की जांच शुरू की। SEBI ने पाया कि इन कंपनियों ने लगभग 2-3 करोड़ निवेशकों से लगभग 24,000 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो कि SEBI के नियमों का उल्लंघन था।
न्यायिक लड़ाई
2011 में, SEBI ने सहारा समूह को आदेश दिया कि वे निवेशकों से जुटाए गए धन को लौटाएं। सहारा समूह ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 2012 में, सुप्रीम कोर्ट ने SEBI के पक्ष में फैसला सुनाया और सहारा समूह को निवेशकों का धन लौटाने का आदेश दिया।
सहारा-SEBI रिफंड खाता
2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत, सहारा समूह को निवेशकों से जुटाए गए धन को SEBI के पास जमा करने का निर्देश दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, “Sahara-SEBI Refund Account” की स्थापना की गई, जिसमें सहारा समूह ने लगभग 24,000 करोड़ रुपये जमा किए।
सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी
2014 में, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के चेयरमैन सुब्रत रॉय को अदालत की अवमानना के लिए जेल भेज दिया क्योंकि समूह ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया था। सुब्रत रॉय को बाद में जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन उन्हें जमा राशि की वापसी के लिए धन जुटाने के लिए कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।
निवेशकों की धन वापसी की प्रक्रिया
निवेशकों को उनके धन की वापसी सुनिश्चित करने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को जिम्मेदारी सौंपी। SEBI ने “Sahara-SEBI Refund Account” में जमा राशि का उपयोग करके निवेशकों के दावों की जांच और सत्यापन किया। हालांकि, इस प्रक्रिया में कई जटिलताएं और चुनौतियां थीं, जैसे कि निवेशकों की पहचान और दस्तावेजों की सत्यता की जांच।
2023 का सुप्रीम कोर्ट आदेश
29 मार्च 2023 को, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि “Sahara-SEBI Refund Account” में जमा 24,979.67 करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये केंद्रीय सहकारी सोसाइटी रजिस्ट्रार को हस्तांतरित किए जाएं। इस धनराशि का उपयोग सहारा समूह की सहकारी समितियों के वैध निवेशकों को उनके दावों के आधार पर रिफंड देने के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया की निगरानी पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी द्वारा की जाएगी।
CRCS-Sahara Refund Portal
18 जुलाई 2023 को, CRCS-Sahara Refund Portal (https://mocrefund.crcs.gov.in) लॉन्च किया गया, जिससे सहारा समूह की चार मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज के वैध निवेशकों को रिफंड के लिए आवेदन करने का मौका मिला। इस पोर्टल के माध्यम से, निवेशक अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं, और सही पहचान और दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद उनके बैंक खातों में धनराशि जमा की जाएगी।
वर्तमान स्थिति
अभी तक, रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी है, जिसमें निवेशकों को उनके आधार से लिंक्ड बैंक खातों में धनराशि सीधे जमा की जा रही है। यदि किसी निवेशक का दावा अस्वीकार किया जाता है या उसमें कोई कमी पाई जाती है, तो उन्हें पुनः सबमिशन के लिए एक अलग पोर्टल पर निर्देशित किया जाता है।
निष्कर्ष
सहारा इंडिया निवेशक मुद्दा भारतीय वित्तीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है जिसने लाखों निवेशकों को प्रभावित किया। इस मुद्दे के समाधान के लिए न्यायपालिका और नियामक प्राधिकरणों ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, और वर्तमान में निवेशकों को उनके धन की वापसी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रक्रियाएं लागू की जा रही हैं। सहारा इंडिया के निवेशकों के लिए यह एक जटिल और लंबी यात्रा रही है, लेकिन वर्तमान में चल रही प्रक्रियाओं से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।